ऋषिकेश और गढ़वाल क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। टिहरी गढ़वाल में कई सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि देवप्रयाग के पास मलबा आने से ऋषिकेश-कीर्तिनगर रूट पर नेशनल हाईवे-07 को बंद करना पड़ा है।टिहरी गढ़वाल के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि लगातार बारिश के कारण डिमटा मोड़ के आगे नेशनल हाईवे-707A, यानी केम्प्टी-यमुनापुल मार्ग का हिस्सा पूरी तरह बह गया है।
डिमटा मोड़ और जीवन आश्रम के बीच सड़क बहने से हाईवे बंद
अधिकारियों के मुताबिक डिमटा मोड़ और जीवन आश्रम के बीच सड़क को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते NH-707A को बंद कर दिया गया है। सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद वाहनों को मसूरी मोड़ से विकासनगर की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।
वहीं, देवप्रयाग के पास भारी मलबा जमा होने से NH-07 पर भी यातायात प्रभावित हुआ है।
इसके अलावा, लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की 8 सड़कें और PWD की 7 सड़कें भी बंद बताई गई हैं।
200 मिमी से ज्यादा बारिश, नदियों का जलस्तर बढ़ा
गढ़वाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से प्रमुख नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों को नदी किनारों से दूर रहने और किसी भी तरह की जोखिम भरी गतिविधि से बचने की सलाह दी है।
देहरादून में तमसा, टोंस और आसन नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण रिस्पना नदी में भी तेज बहाव देखा जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, कुछ इलाकों में एक दिन में 200 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के चलते सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बढ़ गई है।
चार धाम यात्रियों के लिए प्रशासन का अलर्ट
प्रशासन ने चार धाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि खराब मौसम या सड़क की स्थिति के कारण अगर यात्रा को अस्थायी रूप से रोका जाता है, तो यात्रियों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
यात्रियों से अपील की गई है कि वे केवल तय सुरक्षित स्थानों पर रुकें और प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद ही आगे की यात्रा शुरू करें।
भारी बारिश के कारण यात्रा मार्गों पर स्थिति लगातार बदल रही है। ऐसे में प्रशासन ने स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों से सतर्क रहने, नदी किनारों से दूर रहने और मौसम व सड़क से जुड़े आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
उत्तराखंड में मॉनसून का कहर जारी है और देवप्रयाग से लेकर टिहरी गढ़वाल तक कई सड़कें प्रभावित हैं। अब प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती बंद रास्तों को खोलने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है।
